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एलोवेरा का इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है भारी नुकसान

Aloe Vera Benefits and Side Effects : एलोवेरा की खूबियों के बारे में तो ज्यादातर लोग जानते हैं. लेकिन बहुत कम लोग इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में जानते हैं, इसी के चलते उन्हें एलोवेरा से कई तरह के नुकसान भी हो जाते हैं. बहुत से लोग एलोवेरा का जूस इस्तेमाल करते हैं. हर समस्या के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करना सही नहीं होता.

ऐसे में गलत तरीके से एलोवेरा का इस्तेमाल करने से आपको कई तरह की बीमारियां होने का जोखिम उठाना पड़ सकता है. इसके अलावा प्रेग्नेंसी में भी एलोवेरा का इस्तेमाल करने से परेशानी हो सकती है. इसलिए एलोवेरा का जूस पिएं या फिर सौंदर्य निखार के लिए इसके जेल का प्रयोग करें थोड़ी सी सावधानी जरूर बरतें.

बता दें कि अगर आप एलोवेरा के शुद्ध जेल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ये आपके स्किन के लिए अच्छा नहीं होता. दरअसल, बहुत से लोग मुहांसों, ड्राई स्किन, दाग-धब्बे या स्ट्रेच मार्क्स पर एलोवेरा रगड़ते हैं लेकिन यदि जरूतर से ज्यादा इसे स्किन पर लगाया जाए तो ये नुकसान कर सकता है. क्योंकि एलोवेरा को काटने पर कई बार इसमें से पीले रंग का एक तरल पदार्थ निकलता है. जो पूरी तरह से हटता नहीं है. ये पीला तरल पदार्थ लेटेक्‍स होता हैजो एक जहरीला पदार्थ होता है. एक्जिमा, रेशेज और अन्य त्वचा संबंधी बीमारियां भी इससे हो सकती हैं.

इसके अलावा अगर आप एलोवेरा के जूस का इस्तेमाल करते हैं तो इसे ज्यादा मात्रा में या बार-बार न पिएं. क्योंकि ऐसा करना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है. बता दें कि एलोवेरा फायदेमंद तो है लेकिन तब जब आप इसका इस्तेमाल कम मात्रा में करते हैं. दरअसल, ऐलोवेरा का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से शरीर में पोटेशियम की मात्रा कम हो जाती है. इससे दिल की धड़कन का बढ़ना, बेहोशी आना या कमजोरी महसूस होना जैसी दिक्कत हो सकती है.

बता दें कि ऐलोवेरा में लैक्सेटिव और एंथ्राक्विनोन जैसे कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो डायरिया के लिए जिम्मेदार होते हैं. इसलिए जिन्हें इरेटेबल बोवेल सिंड्रोम या गैस की समस्या हो उन्हें ऐलोवेरा का यूज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं को कभी भी एलोवेरा का यूज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे मिसकैरिज का खतरा हो सकता है.

मैरीलैंड मेडीकल सेंटर यूनीवर्सिटी की रिसर्च में इस बात का पता चला है कि एलोवेरा यूटेरिन कॉन्ट्रेक्शन उत्पन्न करता है जिससे मिसकैरिज का खतरा होता है. इतना ही नहीं 12 साल से छोटे बच्चों को भी एलोवेरा देने से बचना चाहिए. कई बार एलोवेरा लेने से बच्चों में जन्मजात रोग भी हो सकते हैं. ब्रेस्ट फीडिंग के टाइम भी एलोवेरा का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है.

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