पायरिया, अस्थमा और कई स्किन प्रॉब्लम्स दूर करता है सरसों का तेल
अस्थमा और साइनस में फायदेमंद
सरसों के तेल में मैग्नीशियम और सेलेनियम की मात्रा भरपूर होती है इसलिए ये अस्थमा के रोगियों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार है। अस्थमा के दौरे में सरसों के तेल से छाती में मालिश करने पर आराम मिलता है।
दांत के दर्द और पायरिया में
सरसों का तेल दांतों के दर्द और पायरिया में भी उपयोगी माना जाता है। दांत में दर्द होने पर सरसों के तेल को दर्द वाली जगह पर लगाने से दर्द में राहत मिलेगी। अगर आपको पायरिया है तो सरसों के तेल में थोड़ा सा नमक मिलाकर रोज इससे मंजन करें। थोड़े दिन में आपका पायरिया ठीक हो जाएगा।
सर्दी जुकाम से राहत
छोटे बच्चों को सर्दी जुकाम लग जाए तो बड़े बुजुर्ग अक्सर घरों में सरसों के तेल से बच्चे की मालिश करने की सलाह देते हैं। अगर आपको जुकाम हो गया है तो सरसों के तेल में थोड़ा सा अजवाइन और लहसुन के टुकड़े गर्म कर लें। इस तेल को सीने और नाक में मलने पर जुकाम में आराम मिलता है। इसके अलावा अगर आपको बलगम वाली खांसी है तो सरसों के गुनगुने तेल में कपूर मिलाकर सीने पर लगाएं। इसका झांझ सूंघने से आपको बंद नाक से भी राहत मिलती है।
बालों के लिए बेस्ट है
सरसों के तेल में ढेर सारे विटामिन्स, मिनरल्स और बीटा कैरोटीन पाये जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फैटी एसिड भी होता है। इसलिए सरसों के तेल को बालों के लिए अच्छा माना जाता है। ये रूखे बाल, दो मुंहे बाल, डैंड्रफ, समय से पहले बालों का सफेद होना, बालों का पतला होना और बालों का गिरना आदि सभी समस्याओं से आपको दूर रखेगा। बालों में सरसों के तेल की मालिश से बाल की कोई भी समस्या आपको नहीं होगी। ये बालों को घना करने, नए बाल उगाने और गंजापन दूर करने में भी कारगर है।
स्किन और होठों के लिए
सरसों का तेल स्किन के लिए फायदेमंद है। इसके पोषक तत्वों से त्वचा को पोषण मिलता है और त्वचा में चमक आती है। इसके अलावा सरसों का तेल होठ फटने पर भी ठीक करता है। अगर आप के होठ फट रहे हैं तो रात को सोने से पहले दो बूंद सरसों का तेल नाभि में लगाएं, सुबह तक होठ मुलायम हो जाएंगे। सरसों का तेल त्वचा के लिए मॉश्चराइजर का भी काम करता है।
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